रूस-यूक्रेन के बाद अब अजरबैजान और आर्मेनिया में छिड़ी जंग, सबकुछ हो जाएगा तबाह! ताकतवर देशों ने की युद्ध रोकने की अपील

हाइलाइट्स

अजरबैजान-आर्मेनिया के बीच एक बार फिर से जंग शुरू हो गई है.
रूस ने दोनों देशों को बातचीत के जरिए विवादित मुद्दो को हल करने की सलाह दी है.

नई दिल्लीः अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है. अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि आर्मेनिया के नियंत्रण वाले नागोर्नो-काराबाख में तोपखानों से समर्थन देते हुए अपने सैनिकों को भेजा हुआ है. साथ ही इसे एक आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन बताया. अजरबैजान ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जब तक आर्मेनियाई सेना आत्मसमर्पण नहीं करती तब तक उसका अभियान नहीं रुकेगा. अजरबैजान की तरफ से सैन्य आक्रमण शुरू करने से पहले उसके चार सैनिकों की मौत हो गई. वहीं दो आम नागरिक लैंडमाइन की चपेट में आने से मारे गए. अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी.

अजरबैजान के हमले में दो नागरिकों की मौत
कथित तौर पर अजरबैजान बलों ने विवादित नागोर्नो-काराबाख क्षेत्र में अर्मेनियाई ठिकानों पर गोलीबारी की है. इस बीच, जातीय अर्मेनियाई अधिकारियों ने दावा किया कि क्षेत्र की राजधानी के आसपास भारी तोपखाने की गोलीबारी में कम से कम दो नागरिक मारे गए और 11 घायल हो गए. आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच वर्षों से तनाव व्याप्त है. न्यूज एजेंसी एएफपी ने जातीय अर्मेनियाई अधिकारियों के हवाले से बताया कि क्षेत्र की राजधानी में भारी तोपखाने की गोलीबारी में कम से कम दो नागरिक मारे गए, जबकि 11 अन्य घायल हो गए.

यह भी पढ़ेंः ड्रैगन की यह कैसी साजिश? युद्ध के मैदान में नहीं बचेंगे एक भी इंसान! मिडिल ईस्ट को बेच रहा है ‘मौत का सामान’

सैन्य हमलों में हाई टेक्नोलॉजी हथियारों का इस्तेमाल
अजरबैजान मंत्रालय ने कहा कि अर्मेनिया के सशस्त्र बलों के खिलाफ और सैन्य संपत्तियों पर हाई-टेक्नोलॉजी वाले हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा मंत्रालय ने यह भी बताया कि केवल वैध सैन्य लक्ष्यों पर हमला किया गया था. वहीं नागोर्नो-काराबाख मानवाधिकार लोकपाल ने कहा कि अजरबैजान की सेना के हमलों में 2 नागरिक मारे गए और 23 घायल हो गए है. अजरबैजान के इस सैन्य आक्रमण को रोकने के लिए आर्मेनिया के विदेश मंत्रालय ने नागोर्नो-काराबाख में तैनात रूसी शांति सेना से हस्तक्षेप करने की मांग की है.

रूस ने शांति बहाल करने की मांग की
अर्मेनियाई प्रधान मंत्री निकोल पशिनियन ने कहा कि उनकी सेना लड़ाई में शामिल नहीं थी और सीमा पर स्थिति ‘स्थिर’ थी. वहीं रूस ने कहा कि वह अजरबैजान और आर्मेनिया दोनों के संपर्क में है और उसने दोनों पक्षों से नागोर्नो-काराबाख संघर्ष को हल करने के लिए बातचीत करने का आग्रह किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के अजरबैजान और आर्मेनिया दोनों के प्रतिनिधिमंडलों से चल रहे हमले के संबंध में बात करने की संभावना है. यूरोपीय संघ ने भी मंगलवार को काराबाख में सैन्य वृद्धि की निंदा की और अजरबैजान से अपनी वर्तमान सैन्य गतिविधियों को रोकने का आह्वान किया.

अमेरिका ने की अजरबैजान से सैन्य आक्रमण रोकने की अपील
द इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, अजरबैजान ने क्षेत्र में टिकटॉक तक पहुंच प्रतिबंधित कर दी है. अर्मेनियाई प्रधान मंत्री निकोल पशिनियन ने काराबाख में अजरबैजान के सैन्य अभियानों पर अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के साथ फोन पर बातचीत की. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मंगलवार को अजरबैजान से जातीय-अर्मेनियाई अलगाववादी क्षेत्र नागोर्नो-काराबाख के खिलाफ शुरू किए गए सैन्य अभियान को “तुरंत” समाप्त करने का आग्रह किया. अजरबैजान के करीबी सहयोगी तुर्की ने मंगलवार को नागोर्नो-काराबाख के खिलाफ बाकू के सैन्य अभियान का बचाव किया.

Tags: Azerbaijan News, World news

https://images.news18.com/ibnkhabar/uploads/2023/09/Collage-Maker-20-Sep-2023-08-17-AM-9975-169517808516×9.jpg